CSJMU में करियर की नई राह, हेल्थ साइंसेज से लेकर विदेशी भाषाओं तक पढ़ाई के नए विकल्प

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शिक्षा की दुनिया में संभावनाओं की कोई सीमा नहीं होती. कभी छात्र शिक्षा के दरवाजे तक पहुंचते हैं, तो कभी शिक्षा खुद उनके लिए नए अवसरों का द्वार खोलती है. लेकिन इन दोनों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करता है शिक्षा को दिशा देने वाला नेतृत्व.

कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक ने ठीक यही भूमिका निभाई है. छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने विश्वविद्यालय को न सिर्फ स्थानीय, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई नए शैक्षिक कदम उठाए हैं. हाल ही में विश्वविद्यालय की शिक्षा परिषद की बैठक में 32 नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई, जो आने वाले सत्र से शुरू किए जाएंगे.

इन नए पाठ्यक्रमों में चिकित्सा, विज्ञान, पर्यावरण, विदेशी भाषाओं और तकनीक से जुड़े कोर्स शामिल हैं. सबसे खास बात यह है कि इन कोर्सों की मदद से अब कानपुर और आसपास के छात्रों को अन्य राज्यों या विदेशों में पढ़ाई के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.

हेल्थ साइंसेज में मिलेंगे नए विकल्प

सीएसजेएमयू हेल्थ साइंसेज स्कूल के अंतर्गत चार नए पाठ्यक्रम शुरू करेगा. इनमें बैचलर इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी (40 सीट, 4 वर्ष), बैचलर इन डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी (40 सीट, 4 वर्ष), मास्टर इन मेडिकल रेडियोलॉजी (30 सीट, 2 वर्ष) और मास्टर इन ऑप्टोमेट्री (30 सीट, 2 वर्ष) प्रमुख हैं.

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बेसिक साइंसेज और पर्यावरण में नवाचार

स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज में वैदिक गणित का 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स (20 सीट) शुरू होगा. साथ ही एमएससी इन मैथमेटिक्स विद एआई एंड डेटा साइंस (30 सीट, 2 वर्ष), एमएससी इन एनवायरमेंट सस्टेनेबिलिटी एंड गवर्नेंस (15 सीट, 2 वर्ष) और एमएससी इन फ्रेगरेंस एंड फ्लावर केमिस्ट्री (15 सीट, 2 वर्ष) को भी मंजूरी मिली है.

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विदेशी भाषाओं में करियर के अवसर

स्कूल ऑफ लैंग्वेज के अंतर्गत रूसी, स्पेनिश और मैंडरिन भाषाओं के 1 वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स (20-20 सीट) शुरू किए जाएंगे, जो अंतरराष्ट्रीय करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है.

एआई, कानून और खेलों में भी नए कदम

बीए, बीएससी और बीकॉम के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा. साथ ही एलएलएम में 120 सीटों के साथ कानूनी शिक्षा का विस्तार होगा. म्यूजिक व स्पोर्ट्स एकेडमी, इंटरनेशनल फैकल्टी प्रोग्राम और प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस जैसी नई पहलें भी होंगी.

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