सेंट स्टीफेंस कॉलेज में प्रिंसिपल के दूसरे कार्यकाल पर टकराव बढ़ा, DU ने इन नियमों का दिया हवाला

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दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने सेंट स्टीफेंस कॉलेज के प्रधानाचार्य के दूसरे कार्यकाल को लेकर बार-बार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से मार्गदर्शन मांगा है. DU का कहना है कि प्राचार्य की दोबारा नियुक्ति, जिसे कॉलेज ने अल्पसंख्यक संस्थान होने के नाते जायज ठहराया है, यूजीसी और विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन करती है.

क्या है पूरा मामला?

प्राचार्य प्रोफेसर जॉन वर्गीज ने अपने पहले कार्यकाल (2016-2021) के बाद बिना जरूरी अनुमति के अपना दूसरा कार्यकाल जारी रखा. इस निर्णय को DU ने स्वीकार नहीं किया, जिससे कॉलेज प्रशासन में विवाद पैदा हुआ. DU ने इस मुद्दे को लेकर 15 नवंबर 2022, 21 फरवरी 2023, 20 सितंबर 2023, 9 नवंबर 2023, 20 नवंबर 2023 और 12 फरवरी 2024 को UGC को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण की मांग की, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली है. इस विवाद के चलते कॉलेज में चल रही प्रमोशन की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है. 15 शिक्षकों ने प्रमोशन के लिए आवेदन दिया है, जबकि लगभग 25 प्रोफेसरों के पद खाली हैं. 

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समाधान के लिए बनाई गई समिति

DU ने इस विवाद के समाधान के लिए प्रो. अनिल अनेजा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की है. समिति  बृहस्पतिवार को बैठक करेगी और कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष, बिशप डॉ. पॉल स्वरूप से मुलाकात करेगी ताकि प्राचार्य की नियुक्ति के नियमों और शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया पर दिशा-निर्देश साफ हो पाएं. 

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यूजीसी से की गई यह डिमांड

DU प्रशासन ने UGC से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है, क्योंकि आने वाले समय में अगर इस विवाद का समाधान नहीं हुआ तो प्राचार्य की नियुक्ति को लेकर सवाल उठ सकते हैं और इससे शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.

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