ED Action on Mumbai Builder: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिल्डर ललित टेकचंदानी और उनके सहयोगियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इस क्रम में ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उसकी कई संपत्तियों को कुर्क करने का अनंतिम आदेश जारी है. इनमें दुबई में एक विला, मुंबई में कई आवासीय और कमर्शियल प्रोजेक्ट, पुणे में कई चल और अचल संपत्ति, भूमि पार्सल और फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं. इनकी कुल कीमत 44.07 करोड़ रुपये है.
फ्लैट खरीदारों से 400 करोड़ की धोखाधड़ी
टेकचंदानी और उसके 15 सहयोगियों पर फ्लैट खरीदने वालों से 400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. ईडी की चार्जशीट में आरोप लगाया गया है, पूछताछ से पता चला है कि घर खरीदने वालों से पैसे ऐंठ कर टेकचंदानी ने इस पैसे का इस्तेमाल अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियों को खरीदने के लिए किया. फाइनेंशियल फ्रॉड के इस मामले में ईडी ने इससे पहले शेयरों, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में 158 करोड़ रुपये के इंवेस्टमेंट को जब्त किया था.
1,700 से ज्यादा लोगों से ऐंठे पैसे
ईडी की जांच के मुताबिक, टेकचंदानी ने एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 1,700 से ज्यादा घर खरीदारों से 400 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए. बाद में खरीदारों को न तो फ्लैट मिले और न ही रिफंड मिल पाया. जांच में खुलासा हुआ कि घर खरीदने वालों से लिए गए पैसे का इस्तेमाल अलग-अलग नामों से संपत्ति खरीदने में किया गया है. इनमें टेकचंदानी के परिवार के सदस्यों के नाम भी शामिल हैं.
मार्च 2024 में गिरफ्तार हुआ टेकचंदानी
ED ने यह जांच भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत तलोजा और चेंबूर पुलिस स्टेशनों में दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि टेकचंदानी सहित कई अन्य लोगों ने मिलकर मेसर्स सुप्रीम कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड ने नवी मुंबई के तलोजा में एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए घर खरीदने वालों से पैसे लिए थे. मार्च 2024 में ललित टेकचंदानी की गिरफ्तारी की गई थी और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है.
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